श्री राजीव दीक्षित कहते है इन ६० सालो में नेताओ ने
जो कला धन लूट के विदेशो में जमा किया है इसको वापस लाकर
इससे विकास करना है देश का | इसको वापस लाने के चार रास्ते
है :
१. पहला रास्ता है जिन बांको में ये धन जमा है उन बांको में ये धन
निजी संपत्ति के रूप में जमा है अगर हम इस धन को रास्ट्रीय
संपत्ति घोषित करा सके तोह ये धन किसी भी बैंक में
जमा नही हो सकता ये वापस भारत में
चला आयेगा किउंकि अंतरास्ट्रीय बैंकिंग व्यवस्था का एक नियम
है के किसी भी देश की रास्ट्रीय संपत्ति उसी देश में जमा होती है
वो जिस देश की होती है |
मैने गाँधी को क्यों मारा ? Why Godse Killed Gandhi ?
जानिये कुछ तथ्य जो कान्ग्रेस ने अभी तक प्रकाशित ही नही होने
दिया|
आखिर क्या कारण थे कि गोडसे जी ने तथाकित
राष्ट्रपिता को मारा, जोकि कोर्ट ने तो सुना लेकिन यह व्क्तवय
कभी भी सार्वजनिक न हो पाया|
आइये जानिये और योगदान दे गोदसे के विचारो को फैलाने मे.......
गाँधी-वध के मुकद्दमें के दौरान न्यायमूर्ति खोसला से नाथूराम ने
अपना वक्तव्य स्वयं पढ़ कर सुनाने की अनुमति माँगी थी और
उसे यह अनुमति मिली थी। नाथूराम गोडसे का यह न्यायालयीन
वक्तव्य भारत सरकार द्वारा प्रतिबन्धित कर दिया गया था।
इस प्रतिबन्ध के विरुद्ध नाथूराम गोडसे के भाई तथा गाँधी-वध
कोसीकलां (मथुरा) दंगे का पूरा सच----
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कोसीकलां दंगे का प्रारंभ और क्रमवार विश्लेषण-
---------------------------- लेख बड़ा है मुश्किल से
पाँच मिनट लगेंगे इसे पढने में कृपया ज़रूर पढ़ें--
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१ जून २०१२, दिन शुक्रवार, तिथि निर्जला एकादशी, समय दोपहर
२ बजे
अगर हम कोई खाने पीने की वस्तु खरीदते हैँ तो उस पर
शाकाहारी के लिये हरा बिँदू और माँसाहारी के लिये लाल बिँदू
बना रहता है लेकिन कोई वस्तु स्वदेशी है
या विदेशी इसका पता करने की कोई विधि नहीँ थी आईये अब
आपको बताते हैँ
थोरियम एक "रेडियोएक्टिव" पदार्थ है जिसका उपयोग परमाणु
ऊर्जा बनाने के लिए होता है l
भारत में इसके भण्डार प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, जिसका मूल्य
48 लाख करोड़ रुपयों से भी ज्यादा है l
इसकी शुरुआत तब होती है, जब पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति जोर्ज
बुश भारत आये थे और एक सिविल न्यूक्लीयर डील पर हस्ताक्षर
आचार्य चाणक्य एक ऐसी महान विभूति थे, जिन्होंने
अपनी विद्वत्ता और क्षमताओं के बल पर भारतीय इतिहास
की धारा को बदल दिया। मौर्य साम्राज्य के संस्थापक
चाणक्य कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड
अर्थशास्त्री के रूप में भी विश्वविख्यात हुए।
इतनी सदियाँ गुजरने के बाद आज भी यदि चाणक्य के
द्वारा बताए गए सिद्धांत और नीतियाँ प्रासंगिक हैं तो मात्र
इसलिए क्योंकि उन्होंने अपने गहन अध्ययन, चिंतन और
जीवानानुभवों से अर्जित अमूल्य ज्ञान को, पूरी तरह
आजकल मुझे यह देख कर अत्यंत खेद और आश्चर्य होता है की अंडा शाकाहार का पर्याय बन चुका है ,...खैर मै ज्यादा भूमिका और प्रकथन में न जाता हुआ सीधे तथ्य पर आ रहा हूँ मादा स्तनपाईयों (बन्दर बिल्ली गाय मनुष्य) में एक निश्चित समय के बाद अंडोत्सर्जन एक चक्र के रूप में होता है उदारहरणतः मनुष्यों में यह महीने में एक बार,.. चार दिन तक