पुराण, हिंदुओं के धर्मसंबंधी आख्यानग्रंथ हैं जिनमें सृष्टि, लय,
प्राचीन ऋषियों, मुनियों और राजाओं के वृत्तात आदि हैं। ये
वैदिक काल के काफ़ी बाद के ग्रन्थ हैं, जो स्मृति विभाग में आते
हैं। भारतीय जीवन-धारा में जिन ग्रन्थों का महत्वपूर्ण स्थान
है उनमें पुराण भक्ति-ग्रंथों के रूप में बहुत महत्वपूर्ण माने जाते
हैं। अठारह पुराणों में अलग-अलग देवी-देवताओं को केन्द्र
मानकर पाप और पुण्य, धर्म और अधर्म, कर्म, और अकर्म
की गाथाएँ कही गई हैं। कुछ पुराणों में सृष्टि के आरम्भ से अन्त
तक का विवरण किया गया है। इनमें हिन्दू देवी-देवताओं का और
पौराणिक मिथकों का बहुत अच्छा वर्णन है ।





